हरिद्वार। आगामी कुंभ 2027 की तैयारियों के बीच धर्मनगरी हरिद्वार में संत समाज की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में अलख अखाड़ा ने 11 नए महामंडलेश्वरों की ताजपोशी की। अखाड़े ने भविष्य में कुल 51 महामंडलेश्वरों की नियुक्ति करने का लक्ष्य रखा है। ताजपोशी समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से संत-महात्मा और श्रद्धालु मौजूद रहे।
अलख अखाड़ा की महामंडलेश्वर हर्षिता गिरी ने बताया कि अखाड़ा केवल सनातन परंपरा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा और बेजुबान जानवरों के संरक्षण के लिए भी लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने और धार्मिक गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से 51 महामंडलेश्वरों की ताजपोशी का निर्णय लिया गया है। पहले चरण में 11 संतों को महामंडलेश्वर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि शेष महामंडलेश्वरों की ताजपोशी जल्द की जाएगी।
हर्षिता गिरी ने कहा, अलख अखाड़ा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ मानव सेवा और बेजुबान पशुओं की सेवा को भी अपना प्रमुख दायित्व मानता है। हमारा प्रयास है कि धर्म के साथ सेवा का संदेश भी समाज तक पहुंचे।” उन्होंने विश्वास जताया कि कुंभ 2027 तक अखाड़ा अपने सेवा और धार्मिक अभियानों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगा।

