हरिद्वार, संवाददाता। रोशनाबाद स्थित जिला कारागार में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा आरंभ से पहले कारागार परिसर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य सहित जेल में बंद बंदियों ने भाग लिया। कलश यात्रा के पश्चात व्यास पूजन किया गया। गुरुवार को चैत्र नवरात्र के पहले दिन से शुरू हुई यह कथा सात दिनों तक चलेगी, जिसमें बंदी नियमित रूप से कथा का श्रवण करेंगे। कथा का वाचन कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री द्वारा किया जा रहा है, जो अपने प्रवचनों के माध्यम से धर्म, आस्था का संदेश देकर कथा का रसपान कराएंगे। कथा का आयोजन श्री अखंड परशुराम अखाड़े के तत्वावधान में किया जा रहा है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने चैत्र नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आता है। उन्होंने कहा कि कारागार प्रशासन का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों का सुधार और पुनर्वास भी है। बंदियों के भीतर सुधार और सद्भावना का भाव उत्पन्न करना है। विगत वर्षों से लगातार कारागार में धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं और निश्चित रूप से बंदियों में सकारात्मक विचारों का आत्मसात हो रहा है।
कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कथा के माध्यम से बंदियों के जीवन में नई दिशा और सकारात्मक सोच का विकास होगा। इसी कारण वो लगातार जिला कारागार में धार्मिक आयोजन में भाग लेने आते रहते हैं।
वहीं श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बंदियों में नैतिक मूल्यों का संचार होता है और समाज में दोबारा सत्कर्मों की भावना मजबूत होती है। उनकी ओर से जिला कारागार में आयोजित यह कथा कार्यक्रम बंदियों के जीवन में सुधार लाने की दिशा में एक सार्थक पहल है। उन्होंने लगातार धार्मिक आयोजन कराने पर जेल अधीक्षक का आभार भी व्यक्त किया है।

