नई दिल्ली। एआई समिट 2026 से पूर्व नई दिल्ली स्थित डेनिश रेजिडेंसी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लोकतंत्र और शासन पर प्रभाव को लेकर उच्च स्तरीय रणनीतिक संवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं केरल चुनाव प्रभारी रोहन सैगल ने भाग लिया। संवाद में देशभर के युवा राजनीतिक और नीति नेतृत्वकर्ताओं ने एआई के उभरते प्रभाव, वैश्विक तकनीकी नीति और लोकतांत्रिक ढांचे पर इसके असर पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम की मेजबानी भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस एबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन, दूतावास के उप प्रमुख मार्टिन पीटरसन तथा डेनमार्क की टेक एम्बेसडर ऐनी मैरी एंगटॉफ्ट ने की। इस दौरान भारत और डेनमार्क के बीच उभरती प्रौद्योगिकियों, टेक डिप्लोमेसी और वैश्विक एआई गवर्नेंस में सहयोग के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श हुआ।

रोहन सैगल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाज, शासन और लोकतंत्र की संरचना को तेजी से प्रभावित कर रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि तकनीकी नवाचार लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता, जवाबदेही और वैश्विक नैतिक मानकों पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत और प्रगतिशील लोकतंत्र डेनमार्क के बीच सहयोग जिम्मेदार एआई ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
संवाद में शामिल युवा नेताओं ने एआई नीति निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी, डिजिटल संप्रभुता, डेटा सुरक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ नागरिक विश्वास और नैतिक मानकों का संरक्षण आज की सबसे बड़ी नीति चुनौती है।
कार्यक्रम को भारत–डेनमार्क के बीच टेक्नोलॉजी डिप्लोमेसी और नवाचार आधारित शासन में बढ़ते रणनीतिक सहयोग के रूप में देखा जा रहा है, जो जिम्मेदार और समावेशी डिजिटल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

