हरिद्वार, संवाददाता। सिडकुल थाना पुलिस ने प्रेमिका का गला रेतकर हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी का नाम प्रदीप है, जो उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के हुसैनगंज का निवासी है। करीब चार साल से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था लेकिन आरोपी प्रदीप को प्रेमिका का किसी दूसरे युवक से बातचीत करना और साथ में रहना नागवार लगा। गुस्से में आकर उसने हंसिका यादव का चौक से गला रेत दिया और फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

स्कूल टाइम की प्रेम कहानी का अंत
आरोपी प्रदीप हरिद्वार के सिडकुल क्षेत्र में एंड्स लाइट कंपनी में काम करता था। हुसैनगंज में हंसिका प्रदीप के पड़ोस में रहती थी और स्कूल टाइम से ही दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। 2021 में हंसिका अपने माता पिता की मृत्यु के बाद हरिद्वार आकर प्रदीप के साथ में लिव-इन में रहने लगी थी। प्रदीप ने ही उसे सिडकुल में एक कंपनी में नौकरी पर लगाया था। एक साल पहले मृतका का भाई वरुण यादव भी हरिद्वार आ गया और हेतमपुर गांव में प्रदीप के साथ रहने लगा। एक महीने से हंसिका और प्रदीप के बीच मनमुटाव चल रहा था। प्रदीप ने अपनी ही प्रेमिका की हत्या कर स्कूल टाइम की प्रेम कहानी का अंत कर दिया।

दूसरे युवक से बात करना बना हत्या की वजह
करीब चार साल तक साथ रहने के बाद एक महीने पहले दोनों में दूरी आ गई। आपसी झगड़े और मनमुटाव के कारण हंसिका ने प्रदीप से अलग होकर रोशनाबाद में अपनी सहेली के साथ रहना शुरू कर दिया। जबकि प्रदीप हेतमपुर गांव में हंसिका के भाई वरुण यादव के साथ रहने लगा। इस बीच हंसिका के किसी अन्य युवक से मेलजोल व साथ में रहने के कारण प्रदीप हंसिका से नाराज हो गया और उसने उसको समझाने के लिए सोमवार को नवोदयनगर कॉलोनी में मिलने बुलाया। आरोपी मिलने जाने से पहले रोशनाबाद से दुकान से चाकू लेकर गया था। बातचीत के बाद हंसिका ने प्रदीप के साथ रहने से इनकार कर दिया था तो गुस्से में आकर प्रदीप ने जेब से चाकू निकालकर हंसिका का गला रेत दिया व मौके से फरार हो गया।
पुलिस टीम में सिडकुल थाना प्रभारी मनोहर सिंह भंडारी, चौकी प्रभारी, कोर्ट शैलेंद्र ममगई, एएसआई सुभाष रावत, कांस्टेबल मनीष और जितेंद्र कुमार शामिल रहे।

