हरिद्वार। खड़खड़ी निवासी मनोज गिरी ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर मारपीट, धमकी और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 8 जुलाई की रात अजय गिरी और उसके साथी उनकी दुकान पर पहुंचे तथा उनके नाबालिग पुत्र और पत्नी के साथ मारपीट की, जिससे दोनों घायल हो गए। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद शांत हुआ, लेकिन पुलिस के जाने के बाद आरोपित दोबारा साथियों के साथ लौटे और फिर मारपीट की।
मनोज गिरी का आरोप है कि सोशल मीडिया पर राम मंदिर चंदा चोरी से संबंधित पोस्ट पर टिप्पणी करने के बाद से उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि उनके नाबालिग पुत्र और उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया। उनका दावा है कि दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड है, जिससे सच्चाई सामने आ सकती है।
पत्रकार वार्ता में मौजूद प्रथम गिरी ने आरोप लगाया कि अजय गिरी क्षेत्र में असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर विवाद करता रहता है। परिवार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

