उत्तराखंड। चार धाम यात्रा से पहले हरिद्वार में खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय दिख रहा है। हरिद्वार में रोडवेज अड्डे के आसपास और सेक्टर चार स्थित पीठ बाजार से तमाम खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों पर विभाग की टीम ने जांच की। अधिकारियों की टीम ने विशेष तौर पर पानी की बोतलों, कोल ड्रिंक, तेल और मिर्च मसालों के 33 सैंपलों की जांच की। हरिद्वार बस अड्डे के पास से पानी के पांच, सोडा वाटर का और रिफाइंड का एक एक सैंपल लिया गया। जबकि पीठ बाजार में बिकने वाले मिर्च मसालों के 26 सैंपल लिए गए। कुल मिलाकर पानी के 03 सैंपल जांच के लिए रुद्रपुर स्थित फूड टेस्टिंग लैब भेजे गए।
हरिद्वार बस अड्डे के आसपास बिकने वाले खाद्य पदार्थो की जांच के लिए मोबाइल टेस्टिंग लैब भी लगाई गई। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी एम एन जोशी ने बताया कि जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग को लोकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के द्वारा तैयार की गए पानी की बोतल सब स्टैंडर्ड और मिस ब्रांडिंग की भी मिली। इन सभी पानी की फैक्ट्रियों को नोटिस दिया जा रहा है। लैब भेजे गए सैंपल फेल होने पर मुकदमा दर्ज करने तक की कार्रवाई की जाएगी। बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग में दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की रेट लिस्ट और फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड भी लगाना होगा, ताकि कोई भी यात्री टॉल फ्री नंबर पर खाने से संबंधित शिकायत कर सके। शिकायत मिलते ही कार्रवाई भी की जाएगी। इस दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, एफएसओ नगर निगम कैलाश चंद टम्टा, एजीएम विशाल चंद्रा, खाद्य विश्लेषक रमेश जोशी शामिल रहे।

चारधाम यात्रा मार्ग पर मोबाइल टेस्टिंग लैब तैनात रहेगी
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। खाद्य पदार्थों से यात्रियों की सेहत खराब न हो इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग अभी से ही अलर्ट हो गया है। चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माने जाने वाले हरिद्वार शहर से खाद्य पदार्थो की मौके पर जांच की तैयारी की गई है। इसके लिए हरिद्वार में मोबाइल टेस्टिंग लैब से खाद्य पदार्थों की जांच की गई। इस दौरान एजीएम रोडवेज विशाल चंद्रा और हरिद्वार नगर निगम के एफएसओ कैलाश चंद टम्टा भी मौजूद रहे। टीम में शामिल उपायुक्त लैब बीएस बिष्ट ने बताया कि लैब में खाद्य पदार्थो की प्राथमिक गुणवत्ता का पता चल जाता है और संदिग्ध वस्तुओं के सैंपल जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजे जाते हैं। बताया कि हरिद्वार से चारधाम यात्रा मार्ग पर मोबाइल टेस्टिंग लैब से खाद्य पदार्थों की जांच शुरू कर दी गई है, जो आगे भी जारी रहेगी।

लोकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों की जांच हेतु शुरू होगा अभियान
गर्मियों की शुरुआत होते ही स्थानीय स्तर पर फर्जी पेय पदार्थ बनाने का काम शुरू हो जाता है। इस बार लोगों की सेहत का ध्यान रखने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग लोकल मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों की जांच के लिए अभियान शुरू करने जा रहा है। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने बताया कि अभियान की शुरुआत हो गई है। मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तक की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

