हरिद्वार। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर टीटी का रिश्तेदार बताकर टिकट कंफर्म कराने का झांसा देकर यात्रियों के बैंक खाते साफ करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। जीआरपी कप्तान अरुणा भारती के नेतृत्व में जीआरपी हरिद्वार पुलिस ने बिहार के दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया, जबकि उनके तीसरे फरार साथी की तलाश जारी है। बीती 22 फरवरी को सहरसा, बिहार निवासी मनीष और उनके साथी अनिल शाह हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्टेशन मास्टर कार्यालय के पास आरोपियों ने मनीष को टिकट कन्फर्म कराने का झांसा दिया। झांसे मे लेकर उससे मोबाइल, आधार कार्ड और छह हजार रुपये तथा अनिल से मोबाइल, आधार कार्ड और 9000 रुपये ले लिए। बाद में पिन कोड हासिल कर बैंक खाते से करीब नौ हजार रुपये भी निकाल लिए।
पीड़ित की शिकायत पर जीआरपी थाना हरिद्वार में मुकदमा दर्ज किया गया। जीआरपी थाना प्रभारी विपिन पाठक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जांच के दौरान पुलिस ने रेलवे स्टेशन से रामकिशोर यादव निवासी सीतामढ़ी, बिहार और हंसलाल महतो निवासी सीतामढ़ी, बिहार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से दो सैमसंग मोबाइल, दो आधार कार्ड और 5200 रुपये बरामद हुए। जीआरपी पुलिस के मुताबिक गिरोह खासतौर पर बिहार, झारखंड और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था। अपनी ही बोली भाषा में बात कर विश्वास जीतते और फिर कहते थे मेरा रिश्तेदार यहां टीटी है, टिकट कंफर्म करा देंगे। इसके बाद आधार कार्ड, मोबाइल फोन, पिन कोड और नकदी लेकर स्टेशन मास्टर ऑफिस या रेलवे विश्रामगृह के पास ले जाते, ताकि यात्री को भरोसा हो जाए। मौका मिलते ही एटीएम और यूपीआई के जरिए खाते से रकम उड़ा देते थे। पुलिस के अनुसार दोनों ठग बेहद शातिर हैं। एक आरोपी टिकट काउंटर और सर्कुलेटिंग एरिया में शिकार तलाशता, दूसरा खुद को फर्जी टीटी बताकर विश्वास जमाता था। गिरफ्तारी के बाद न्यायालय ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया।
जीआरपी कप्तान अरुणा भारती ने कहा कि स्टेशन परिसर में ठगी करने वाले अन्य संदिग्धों को भी चिन्हित किया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि टिकट केवल अधिकृत काउंटर से ही लें, किसी अनजान व्यक्ति को मोबाइल या पिन कोड न दें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत जीआरपी को सूचना दें।

