लक्सर। कार सवार डॉक्टर और उसके साथियों पर हुई फायरिंग के सनसनीखेज मामले में लक्सर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक कथित सत्संगी बाबा ही हमले का मास्टरमाइंड था, जबकि उसके चेले ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने एक आरोपी को अवैध असलाह के साथ गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाबा फरार है। आरोपी की पहचान शुभम सैनी के रूप में हुई, जिसके कब्जे से अवैध हथियार बरामद हुआ। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने लक्सर कोतवाली में प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया।

जानिए पूरा मामला
एसपी देहात ने बताया कि बीती 27 अप्रैल को दाबकी कलां गांव निवासी डॉ. सुमित कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह अपने साले और अन्य साथियों के साथ कार से हंस फाउंडेशन अस्पताल बहादराबाद से लौट रहे थे। इसी दौरान बाड़ीटीप के पास बाइक सवार दो युवकों ने उनकी कार पर फायरिंग कर दी। डॉक्टर ने यह भी बताया कि 14 अप्रैल को भी उनके गांव के पास फायरिंग की घटना हुई थी, जिसके सबूत के तौर पर वाहन में गोली के निशान और टायर के अंदर से बुलेट मिली। शिकायत मिलते ही कोतवाली लक्सर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया। हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया और इंस्पेक्टर प्रवीण कोश्यारी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया।

पूछताछ में बड़ा खुलासा
गिरफ्तार आरोपी शुभम सैनी ने पूछताछ में बताया कि वह और उसका परिवार एक बाबा के सत्संग में जाते थे। करीब तीन साल से जुड़े रहने के दौरान सुमित नामक व्यक्ति की बाबा से नजदीकी बढ़ गई। गिरफ्तार आरोपी के अनुसार, बाबा ने करीब 6 महीने पहले डॉ. सुमित की हत्या की इच्छा जताई थी। इसके बाद बाबा के कहने पर बीती 14 अप्रैल को सुमित और बाबा ने मिलकर डॉक्टर की कार पर फायरिंग की लेकिन वो बच गया। इसके बाद फिर से 27 अप्रैल को भी दोनों ने डॉक्टर की कार का पीछा किया और मौका देखकर करीब चार राउंड फायर किए।

एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी बाबा फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही फरार बाबा को भी गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।

