फेफड़ों में दूध जाने से बिगड़ी थी हालत, दो अस्पतालों से किया गया था रेफर
हरिद्वार। एमसीएच विंग एनपीपीएल अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने गंभीर हालत में भर्ती कराए गए एक नवजात को नया जीवन दिया। फेफड़ों में दूध चले जाने के कारण बच्चे की हालत बिगड़ गई थी। उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी और शरीर में ऑक्सीजन की कमी से नीलापन आ गया था। दो अस्पतालों से रेफर होने के बाद पहुंचे नवजात को तीन दिन वेंटिलेटर और अगले तीन दिन सेमी-वेंटिलेटर पर रखकर उपचार दिया गया। छह दिन के लगातार उपचार के बाद बच्चा स्वस्थ हो गया।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार के नेहरू कॉलोनी, सलेमपुर-2, रावली निवासी राहुल कुमार के नवजात बच्चे को गंभीर स्थिति में एमसीएच विंग एनपीपीएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल पहुंचने पर बच्चा हांफ रहा था। फेफड़ों में दूध चले जाने से उसे रेस्पिरेटरी फेल्योर का खतरा पैदा हो गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनआईसीयू की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया।
डॉ. विकास गुप्ता के नेतृत्व में डॉ. नमन सेठी, डॉ. मोहम्मद सलमान, डॉ. शुभम, डॉ. अक्षत और डॉ. स्नेहा ने बच्चे का उपचार किया। चिकित्सकों ने पहले तीन दिन वेंटिलेटर पर रखकर उसकी सांसों को नियंत्रित किया। इसके बाद अगले तीन दिन सेमी-वेंटिलेटर पर रखकर उपचार जारी रखा। छह दिनों तक लगातार निगरानी और उपचार के बाद नवजात की हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

