हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में पहली बार दंडवत यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में 10 से 12 हजार श्रद्धालु जमीन पर लेटकर दंडवत करते हुए कनखल स्थित दक्ष मंदिर से हरकी पैड़ी तक पहुंचेंगे। नया अखाड़ा के महामंडलेश्वर और अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक करौली शंकर महाराज के सानिध्य में आयोजित होने वाली इस यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यात्रा का उद्देश्य देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के साथ ही भारतीय सभ्यता और संस्कृति का प्रचार प्रसार करना है। इसके अलावा आगामी कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए भी श्रद्धालु प्रार्थना करेंगे।
मंगलवार को मिश्री मठ में आयोजित प्रेस वार्ता में महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज ने दंडवत यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर को कनखल स्थित दक्ष मंदिर में रुद्राभिषेक और विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद हजारों श्रद्धालु दंडवत करते हुए हरकी पैड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा दक्ष मंदिर से शुरू होकर शंकराचार्य चौक, तुलसी चौक और अपर बाजार होते हुए हरकी पैड़ी पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि यात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से 10 से 12 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्रद्धालु लगातार जमीन पर लेटकर दंडवत करते हुए आगे बढ़ेंगे। यात्रा को पूरा करने में करीब 30 से 35 घंटे का समय लगेगा। 30 अक्टूबर को शुरू होने वाली यह यात्रा 31 अक्टूबर को हरकी पैड़ी पहुंचेगी।

करौली शंकर महाराज ने बताया कि पूर्व में उत्तर प्रदेश में भी उनके द्वारा दंडवत यात्रा निकाली जा चुकी है, जिसे पूर्ण करने में सात महीने का समय लगा था। हरिद्वार में निकाली जाने वाली यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश भी दिया जाएगा। भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति लोगों को जागरूक करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेले का सफल और निर्विघ्न आयोजन हो, इसके लिए भी श्रद्धालु प्रार्थना करेंगे। हरकी पैड़ी पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं के द्वारा सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद शाम को श्रद्धालु गंगा आरती में शामिल होकर मां गंगा की आराधना करेंगे। दंडवत यात्रा को लेकर आयोजकों की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रहे, इसके लिए उनके एक हजार वालंटियर भी तैनात रहेंगे। प्रेस वार्ता में डॉ उमेश सचान समेत कई संत उपस्थित रहे।

