डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध बोले- वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा
हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग की रुड़की रेंज अंतर्गत धनौरी बीट में खैर के बहुमूल्य वृक्षों के अवैध कटान के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33, 41 और 42 के तहत वन अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार 14 जुलाई को धनौरी बीट में खैर के पेड़ों के अवैध कटान की सूचना मिलने पर प्रभागीय वनाधिकारी हरिद्वार स्वप्निल अनिरुद्ध और उप प्रभागीय वनाधिकारी रुड़की के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रासिद उर्फ भूरा पुत्र मासूम निवासी बुढ्ढाहेड़ी, थाना पथरी, जनपद हरिद्वार तथा गुलशेर पुत्र सकूर निवासी जनता रोड, चकहराती, थाना जनकपुरी, जनपद सहारनपुर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। वन विभाग की टीम अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह कार्रवाई रुड़की रेंज अधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी के नेतृत्व में की गई। अभियान में वन दरोगा इंदर सिंह, सोनिया शर्मा, गुरमीत सिंह, वन आरक्षी अनुज कुमार, इकरार अली, योगेश कुमार, उमेश कुमार, वाहन चालक नितेश कुमार, हरीश नेगी तथा उपनलकर्मी प्रदीप कुमार सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने कहा कि हरिद्वार वन प्रभाग में वन संपदा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। खैर जैसे बहुमूल्य वृक्षों की अवैध कटाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वन माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आरक्षित एवं संरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध कटान, अवैध शिकार, अवैध खनन जैसी गतिविधियां कानूनन दंडनीय अपराध हैं। यदि कोई व्यक्ति ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को वन क्षेत्रों में अवैध कटान, शिकार, खनन या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग या निकटतम वन चौकी को दें। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से ही वन संपदा की प्रभावी सुरक्षा संभव है और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सभी की भागीदारी आवश्यक है।

