बोर्ड परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा, दूसरों के प्रवेश पत्र पर फोटो चस्पा कर दे रहे थे परीक्षा, 4 युवतियों समेत 7 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
एंकर – जिले में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के बीच राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर में सामने आए फर्जीवाड़े के मामले में हरिद्वार पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। हिंदी विषय की परीक्षा के दौरान दूसरे परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दे रहे 4 युवतियों समेत 7 आरोपियों को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक मामला एक दिन पहले का है, जब राजकीय इंटर कॉलेज सलेमपुर में बोर्ड परीक्षा में हिंदी का पेपर आयोजित किया गया था। यहां रावली महदूद के सावित्री शिक्षा सदन के स्कूल का सेंटर बनाया गया है, स्कूल से प्राइवेट हाईस्कूल करने वाले कई छात्र भी परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षकों को कुछ परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्रों में गड़बड़ी दिखाई दी। प्रवेश पत्रों की बारीकी से की गई जांच में गड़बड़ी का संदेह हुआ। प्रवेश पत्रों पर चिपके फोटो वास्तविक परीक्षार्थियों से मेल नहीं खा रहे थे। सख्ती से पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि संबंधित युवक युवतियां मूल अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाई।
इस संबंध में कॉलेज के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र द्विवेदी ने मौके पर पुलिस को बुलाया और सभी छात्रों को हिरासत में लिया गया। एक संदिग्ध छात्र मौके का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र तिवारी ने कोतवाली रानीपुर में लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। कोतवाली रानीपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नामजद सात आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनके कब्जे से फर्जी प्रवेश पत्र भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में अन्य छात्रों के नाम पर परीक्षा दे रहे थे। प्रवेश पत्रों पर अपने फोटो चस्पा कर परीक्षा कक्ष में बैठे थे। परीक्षा देने वाले आरोपियों में गुलफाम पुत्र मोहम्मद युसुफ निवासी चमरिया लालढांग, कृष्ण पाल पुत्र मामचंद निवासी रावली महदूद और कैफ पुत्र मोहम्मद जावेद निवासी सुल्तानपुर शामिल हैं, जबकि चार युवतियों के नाम भी मुकदमे में दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला सुनियोजित प्रतीत हो रहा था, इसलिए आरोपियों केए खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
रानीपुर कोतवाली प्रभारी आशुतोष राणा ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की थी। अन्य छात्रों की परीक्षा देने के लिए सभी आरोपी आए थे। इसलिए सबके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह भी जांच की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित गिरोह तो शामिल नहीं है। इस मामले में फरार संदिग्ध की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस मामले के बाद पुलिस प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और सख्त कर दी है।
पुलिस टीम में एसएसआई प्रदीप कुमार, दरोगा मंदीप सिंह, सिपाही संजय बलूनी, सिपाही गंभीर तोमर, दीप गौड, महिला कांस्टेबल अनीता और सुमन शामिल रहे।

