हरिद्वार। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के समापन के बाद नगर निगम हरिद्वार ने रातभर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर शहर को फिर से चमका दिया। करीब 75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन के बाद विभिन्न घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर एकत्र हुए भारी मात्रा में कूड़े का निगम की टीम ने युद्धस्तर पर निस्तारण किया। पूरी रात चले अभियान में लगभग 90 ट्रैक्टर कूड़ा उठाकर सुबह चार बजे तक प्रमुख घाटों और मार्गों की सफाई पूरी कर ली गई। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने रात दो बजे घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी भी मौजूद रहे।

पुलिस प्रशासन से वाहनों के संचालन की अनुमति मिलते ही नगर निगम की स्वच्छता टीम ने रात करीब नौ बजे अभियान शुरू कर दिया। अभियान के तहत विष्णुघाट, अलकनंदा घाट, सुभाष घाट, नई घाट और मालवीय घाट समेत सभी प्रमुख स्नान स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। सफाई कर्मियों ने बिना रुके पूरी रात काम करते हुए घाटों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा एकत्रित कर उसका निस्तारण किया।

नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम रहा कि भारी भीड़ के बावजूद शहर की स्वच्छता व्यवस्था जल्द बहाल कर दी गई। सुबह होने से पहले ही श्रद्धालुओं के आवागमन वाले प्रमुख क्षेत्रों को साफ-सुथरा कर दिया गया, जिससे शहर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित नहीं हुईं।
इस दौरान नगर आयुक्त नंदन कुमार ने भी रात करीब दो बजे मौके पर पहुंचकर सफाई कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अभियान की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा पूरी रात डटे रहे सफाई कर्मियों का उत्साहवर्धन किया।

स्वच्छता अभियान में उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, मुख्य सफाई निरीक्षक संजय शर्मा और सफाई निरीक्षक धीरेंद्र सेमवाल समेत नगर निगम की पूरी टीम सक्रिय रही। अधिकारियों के अनुसार श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व संख्या के बावजूद निर्धारित समय में सभी प्रमुख घाटों और मार्गों की सफाई पूरी कर लेना नगर निगम की सुनियोजित कार्ययोजना और कर्मचारियों की अथक मेहनत का परिणाम है। सोमवती अमावस्या जैसे विशाल स्नान पर्व के बाद चलाया गया यह विशेष अभियान न केवल नगर निगम की कार्यक्षमता का उदाहरण बना, बल्कि स्वच्छ हरिद्वार के संकल्प को भी मजबूत करता नजर आया।

