हरिद्वार। शंकर आश्रम के पास गुरुवार को नैनिश्क ऑप्टिकल्स एंड ज़ाइस पार्टनर प्रतिष्ठान का शुभारंभ जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने रिबन काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, व्यापारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रतिष्ठान के संचालक सचिन गुप्ता और वंश गुप्ता ने स्वामी अवधेशानंद गिरि का पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि व्यापार की सफलता का मूल मंत्र सत्यनिष्ठा, विश्वास और ग्राहकों के प्रति आत्मीय व्यवहार है। उन्होंने कहा कि आंखें मानव शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं और उनकी सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। दुनिया के रंगों और सौंदर्य का अनुभव आंखों के माध्यम से ही संभव है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण चश्मों और लेंसों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने नैनिश्क ऑप्टिकल्स परिवार को उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।

संचालक सचिन गुप्ता और वंश गुप्ता ने बताया कि प्रतिष्ठान में आधुनिक तकनीक के साथ आंखों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले चश्मे, लेंस और विभिन्न ब्रांडों के फ्रेम उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए आकर्षक और आधुनिक डिजाइन के फ्रेम भी रखे गए हैं। आंखों की सुरक्षा और दृष्टि सुधार से जुड़ी हर आवश्यकता के अनुरूप उत्पाद यहां उपलब्ध रहेंगे।

ज़ाइस के सेल्स कंसलटेंट अभिजीत सिंह ने बताया कि लगभग 180 वर्ष पुरानी कंपनी गुणवत्ता के मानकों से कोई समझौता नहीं करती। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड लेंस उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बेहतर और स्पष्ट विजुअल अनुभव मिल सके। चश्मे का चयन करते समय चेहरे की बनावट, फ्रेम का आकार, आयु और अन्य आवश्यक पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में आंखों से संबंधित समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में नैनिश्क ऑप्टिकल्स पर आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर परामर्श और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही मध्यम वर्गीय ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए किफायती रेंज में भी सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उद्घाटन समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने नए प्रतिष्ठान की सफलता की कामना की।

