हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग कार्यालय के बाहर जन अधिकार पार्टी जनशक्ति के प्रदर्शन के बाद वन प्रभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कथित अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी है। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने खुद यह जांच बैठाई और से रूड़की उप वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्वाला प्रसाद को विस्तृत एवं तथ्यात्मक जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं शिकायतकर्ता एवं जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष आजाद अली को उपलब्ध साक्ष्यों के साथ 7 जुलाई को उपस्थित होने के लिए नोटिस भेजा गया है।

डीएफओ कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि आजाद अली ने हरिद्वार वन प्रभाग के अंतर्गत वन क्षेत्रों में अवैध वृक्ष कटान, अवैध खनन, अवैध शिकार तथा अन्य अवैध गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष, विस्तृत और वस्तुनिष्ठ जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के अनुसार जांच अधिकारी शिकायतकर्ता से संपर्क करेंगे, संबंधित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे, वन अधिकारियों और कर्मचारियों से तथ्य जुटाएंगे तथा उपलब्ध अभिलेखों की जांच करेंगे। यदि किसी प्रकार की अनियमितता मिलती है तो उसका साक्ष्यों सहित उल्लेख किया जाएगा, जबकि आरोप निराधार पाए जाने पर उसके समर्थन में भी स्पष्ट तथ्य प्रस्तुत किए जाएंगे। जांच रिपोर्ट सात दिन के भीतर आवश्यक अभिलेखों और छायाचित्रों सहित डीएफओ कार्यालय को भेजनी होगी।

इसी क्रम में रूड़की के उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्वाला प्रसाद ने आजाद अली को पत्र जारी कर 7 जुलाई को उपलब्ध सभी साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि निष्पक्ष एवं साक्ष्य आधारित जांच के लिए शिकायतकर्ता का सहयोग आवश्यक है, ताकि प्रत्येक आरोप की अलग अलग जांच कर समयबद्ध तरीके से प्रकरण का निस्तारण किया जा सके। साथ ही हरिद्वार वन प्रभाग के सभी वन क्षेत्राधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी-अपनी रेंज का निरीक्षण कर 9 जुलाई से पहले विस्तृत रिपोर्ट उप प्रभागीय वनाधिकारी को उपलब्ध कराएं।
गौरतलब है कि हाल ही में जन अधिकार पार्टी जनशक्ति के कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार वन प्रभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर वन विभाग पर अवैध कटान, खनन और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। प्रदर्शन के बाद वन विभाग की ओर से जांच शुरू किए जाने को इस पूरे मामले में अहम प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।

