हरिद्वार। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुराज सेवादल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एचआरडीए कार्यालय पहुंचे और कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने प्राधिकरण में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए आम लोगों को परेशान करने और शिकायतों का समाधान नहीं होने पर नाराजगी जताई। इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। कर्मचारियों से कार्यकर्ताओं की बातचीत हुई, लेकिन अधिकारियों के नहीं मिलने पर कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया।

सुराज सेवादल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाया कि एचआरडीए में नक्शे के नाम पर गरीब और आम लोगों को परेशान किया जा रहा है। वहीं बड़े और प्रभावशाली लोगों के मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में नोटिस के नाम पर लोगों से अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

रमेश जोशी ने प्राधिकरण में बाहरी लोगों की नियुक्ति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, जबकि महत्वपूर्ण पदों पर दूसरे राज्यों से लोगों को लाकर तैनाती दी जा रही है। बता दे कि हाल में यूपी से प्रतिनियुक्ति पर आए अभियंता को एचआरडीए में जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी सुराज सेवादल सवाल उठा चुका है और इसे लेकर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।

रमेश जोशी ने कहा कि प्राधिकरण में आम लोगों की समस्याएं सुनने के लिए अलग शिकायत डेस्क बनाई जानी चाहिए। लोगों की शिकायतों की सुनवाई कर समयबद्ध तरीके से उनका निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कार्रवाई में पारदर्शिता होनी चाहिए और गरीब तथा आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कार्रवाई में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में सुधार, शिकायतों की सुनवाई, नोटिस के नाम पर कथित अवैध वसूली पर रोक और स्थानीय युवाओं को अवसर देने की मांग उठाई।

रमेश जोशी ने कहा कि संगठन ने अपनी मांगों के समाधान के लिए प्राधिकरण को 15 दिन का समय दिया है। यदि इस अवधि में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सुराज सेवादल दोबारा आंदोलन करेगा।

