30 अक्टूबर से पतंजलि योगपीठ में भारतीय प्राच्य विद्या परिषद का 52वां सम्मेलन, सनातन धर्म को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम पर प्रस्ताव पारित करने की तैयारी
हरिद्वार। योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत में बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसे हालात पैदा कर तख्तापलट करना संभव नहीं है। देश का लोकतंत्र, सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस और न्यायपालिका बेहद मजबूत हैं। जिन्हें सत्ता में आना है, वे चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से सत्ता हासिल करें। सड़कों पर उतरकर सत्ता परिवर्तन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें सनातन धर्म को कमजोर करने और करोड़ों सनातनियों को धर्म से विमुख करने का षड्यंत्र रच रही हैं।
बुधवार को कनखल स्थित पतंजलि योगपीठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्वामी रामदेव ने 30 अक्टूबर से आयोजित होने वाले भारतीय प्राच्य विद्या परिषद के 52वें सम्मेलन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर के साधु-संत, संस्कृत विद्वान और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में सनातन धर्म, वैदिक परंपराओं और भारतीय ज्ञान-विज्ञान से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।
स्वामी रामदेव ने आरोप लगाया कि भगवान राम, कृष्ण, हनुमान और शिव को लेकर लगातार भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। भगवान श्रीराम और माता सीता को मांसाहार और शराब का सेवन करने वाला बताने, भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य महारास को अपभ्रंश रूप में प्रस्तुत करने और महायोगी शिव को नशे से जोड़ने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय देवी-देवताओं और सनातन परंपराओं को बदनाम करने की कोशिशों का जवाब दिया जाएगा। इसके लिए सम्मेलन में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे और एक कमेटी बनाकर ऐसे मामलों पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि विदेशी ताकतों के षड्यंत्र के कारण सनातन धर्म से जुड़े 30 से 40 प्रतिशत लोगों का धर्म परिवर्तन हुआ है। राम के देश में लोगों को धर्म और राम से विमुख किया जा रहा है। भारत विरोधी ताकतें देश को विश्वगुरु के रूप में आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहतीं। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं पर कोई भी टिप्पणी तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए। सनातन की मूल भावना को विकृत करके प्रस्तुत करने के प्रयास स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
भारत में तख्तापलट की कोई गुंजाइश नहीं
देश में चल रहे आंदोलनों और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर स्वामी रामदेव ने कहा कि भारत में किसी भी तरह के तख्तापलट या बगावत की गुंजाइश नहीं है। देश में लाखों सैनिक और अर्धसैनिक बल हैं। पुलिस और न्यायपालिका भी अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। ऐसे में असंवैधानिक तरीके से सत्ता परिवर्तन की कल्पना करना उचित नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आजकल के नेता जिस तरह के बयान दे रहे हैं, भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें या उनकी सद्गति दें।
उन्होंने कहा कि देश में संघर्ष भारत को प्रथम बनाने के लिए होना चाहिए, लेकिन आज राजनीतिक दल अपनी-अपनी पार्टी को प्रथम बनाने में जुटे हैं। लोकतंत्र के नाम पर आंदोलन करने वालों को लोकतंत्र का क, ख, ग तक पता नहीं है। राजनीतिक दलों को पार्टी हित से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में काम करना चाहिए।
सनातन में सभी जातियों के लोग समान
जातिगत भेदभाव के सवाल पर स्वामी रामदेव ने कहा कि सनातन में सभी लोग समान हैं। किसी भी जाति के व्यक्ति का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। दलित का अपमान भी उतना ही अनुचित है, जितना ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य का। समाज में सभी को समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन केवल पूजा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की समग्र पद्धति है। वेदों में भेदभाव नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण का संदेश दिया गया है।
युवाओं के लिए बनाया पतंजलि सिविल सर्विसेज ऐप
स्वामी रामदेव ने बताया कि युवाओं को सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने के उद्देश्य से पतंजलि सिविल सर्विसेज ऐप तैयार किया गया है। इसके माध्यम से अभ्यर्थी घर बैठे परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। ऐप पर परीक्षा से संबंधित शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। उन्होंने युवाओं से मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य को हासिल करने की अपील की। इस दौरान पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण भी मौजूद रहे।
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