हरिद्वार। इंसानियत आज भी जिंदा है बस जरूरत है तो किसी की तकलीफ को देखकर रुकने और मदद के लिए हाथ बढ़ाने की। हरिद्वार में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां सैकड़ों वाहन एक व्यक्ति के पास से गुजरते रहे, लेकिन किसी ने भी सड़क किनारे बेसुध पड़े उस व्यक्ति की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। इस बीच उत्तरी हरिद्वार की रहने वाली विनीता गोनियाल की नजर जब उस व्यक्ति पर पड़ी तो पहले वह भी अपनी गाड़ी लेकर आगे बढ़ गईं, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद उनके मन में सवाल उठा कि आखिर सड़क किनारे इस तरह पड़ा व्यक्ति किस परेशानी से जूझ रहा होगा। इसी मानवीय संवेदना ने उन्हें वापस लौटने के लिए प्रेरित किया और उनकी एक पहल ने जरूरत के वक्त उस व्यक्ति तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.
सुबह करीब नौ बजे VIP घाट के पास सड़क किनारे पड़ा था व्यक्ति
घटना सुबह करीब नौ बजे की बताई जा रही है। हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर VIP घाट के नजदीक एक व्यक्ति सड़क किनारे बेहद खराब हालत में पड़ा हुआ था। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे और वह सामान्य स्थिति में नहीं दिखाई दे रहा था। सुबह का समय होने के कारण हाईवे से लगातार वाहन गुजर रहे थे। कई लोग उस व्यक्ति को देखकर आगे निकल गए, लेकिन किसी ने भी रुककर यह जानने की कोशिश नहीं की कि आखिर उसे क्या हुआ है और क्या उसे तत्काल मदद की जरूरत है।
आगे निकल गईं विनीता, लेकिन मन ने वापस लौटने को किया मजबूर
उत्तरी हरिद्वार निवासी विनीता गोनियाल सुबह अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान VIP घाट के पास उनकी नजर सड़क किनारे पड़े व्यक्ति पर पड़ी। आसपास से गुजरते वाहनों और लोगों के बीच वह भी शुरुआत में अपनी गाड़ी लेकर आगे बढ़ गईं, लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि व्यक्ति की हालत सामान्य नहीं है। उसके मुंह से झाग निकलने और सड़क किनारे बेसुध पड़े होने की तस्वीर उनके मन में लगातार घूमती रही। आखिरकार उन्होंने अपनी गाड़ी आगे ले जाने के बजाय वापस लौटने का फैसला किया। वह भीमगोडा से अपनी गाड़ी घुमाकर चंडीघाट के रास्ते दोबारा VIP घाट पहुंचीं।
108 को किया फोन, मौके पर पहुंची एंबुलेंस
VIP घाट पहुंचने के बाद विनीता गोनियाल ने बिना देर किए 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सड़क किनारे पड़े व्यक्ति का प्राथमिक परीक्षण किया। एंबुलेंस स्टाफ ने विनीता को बताया कि व्यक्ति को हार्ट अटैक आया है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत है। इसके बाद एंबुलेंस के माध्यम से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद व्यक्ति की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल संबंधित व्यक्ति देहरादून के दून अस्पताल में भर्ती है।
सैकड़ों लोग गुजरते रहे, लेकिन एक महिला ने दिखाई संवेदनशीलता
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम बात यह रही कि जहां सैकड़ों वाहन उस व्यक्ति के पास से गुजरते रहे, वहीं विनीता गोनियाल ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए वापस लौटने का फैसला किया। एंबुलेंस कर्मचारियों ने भी उनके इस प्रयास की सराहना की। स्टाफ का कहना था कि कई लोग वहां से गुजरे, लेकिन किसी ने रुककर मदद करने की पहल नहीं की। ऐसे में विनीता का वापस लौटना और समय रहते 108 को सूचना देना सराहनीय कदम है।
एक छोटी सी पहल किसी की जिंदगी बचाने में बन सकती है मददगार
हरिद्वार की इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने संवेदनशीलता और मानवीय जिम्मेदारी से जुड़ा सवाल खड़ा किया है। सड़क पर किसी व्यक्ति को बेहोशी या गंभीर परेशानी की हालत में देखकर आगे बढ़ जाना आसान है, लेकिन कुछ पल रुककर मदद के लिए आपातकालीन सेवा को सूचना देना किसी जरूरतमंद के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। विनीता गोनियाल ने भी कोई बड़ा दावा नहीं किया, बल्कि अपनी मानवीय जिम्मेदारी निभाई। उनकी यह पहल बताती है कि मुश्किल वक्त में किसी अनजान व्यक्ति के लिए उठाया गया एक छोटा सा कदम भी बेहद मायने रखता है।

