हरिद्वार। समाजसेवा को जीवन का उद्देश्य बनाकर गिरवर नाथ जनकल्याण धर्मार्थ ट्रस्ट जरूरतमंदों की सहायता के लिए लगातार कार्य कर रहा है। ट्रस्ट के अध्यक्ष और समाजसेवी कमल खड़का के नेतृत्व में संस्था गौ सेवा, जरूरतमंदों, नेत्रहीनों और साधु संतों की सहायता के लिए विभिन्न अभियान चला रही है। ट्रस्ट की स्थापना वर्ष 2022 में गुरु बाबा नंदलाल शर्मा की प्रेरणा से की गई थी, जो ट्रस्ट के संरक्षक भी हैं।

कमल खड़का बताते हैं कि ट्रस्ट बनने से पहले भी वह लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। कोरोना काल के दौरान जरूरतमंदों की मदद और लोगों की पीड़ा को करीब से देखने के बाद समाजसेवा के कार्यों को संगठित रूप देने के उद्देश्य से उन्होंने अपनी संस्था बनाने का निर्णय लिया। इसके बाद वर्ष 2022 में गिरवर नाथ जनकल्याण धर्मार्थ ट्रस्ट की स्थापना की गई। ट्रस्ट की ओर से समय समय पर जरूरतमंद परिवारों की सहायता, कन्याओं के विवाह में सहयोग, गंगा घाटों की सफाई और गौ सेवा के कार्य किए जाते हैं। सर्दियों के मौसम में गरीब और असहाय लोगों को कंबल वितरित किए जाते हैं। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को निशुल्क भोजन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाता है। सबसे खास बात यह है कि कमल खड़का गरीब और निर्धन कन्याओं के विवाह में पूर्ण सहयोग देते हैं। उन्होंने कई गरीब कन्याओं का विवाह भी कराया है।

ट्रस्ट के कार्यों में सबसे प्रमुख पहल गंगा घाटों पर नेत्रहीनों को प्रतिदिन निशुल्क भोजन उपलब्ध कराना है। वहीं साधु संतों से भोजन के बदले कोई शुल्क नहीं लिया जाता। कमल खड़का का कहना है कि मानव सेवा के साथ गौ सेवा भी उनके सामाजिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ट्रस्ट

आगे भी इन कार्यों को निरंतर जारी रखेगा।
कमल खड़का का जन्म राजस्थान में हुआ। बाद में कमल खड़का वर्ष 2003 में काम के सिलसिले में हरिद्वार आए और यहीं स्थायी रूप से रहने लगे। हरिद्वार में उन्होंने नौकरी की और धीरे-धीरे कामयाबी की सीढ़ी चढ़ते चले गए। वर्तमान में वह होटल और ढाबा व्यवसाय से जुड़े हैं।
उनकी पत्नी सपना खड़का भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। लॉकडाउन के दौरान परिवार ने जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने में सहयोग किया। कमल खड़का के अनुसार, उस दौर में उनके बच्चों ने भी अपनी गुल्लक की बचत जरूरतमंदों की मदद के लिए दी थी।

कमल खड़का का कहना है कि गुरु बाबा नंदलाल शर्मा की प्रेरणा से शुरू किया गया सेवा का यह अभियान आगे भी जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने, गौ सेवा और मानव सेवा के कार्यो को लगातार विस्तार देता रहेगा। उनका मानना है कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म होता है, समाज हित के कार्य करने के लिए सबको आगे आना चाहिए।

