हरिद्वार। वन विभाग की रुड़की रेंज स्थित ग्राम भारापुर भौंरी के पास एक गुलदार 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। गांव के आसपास गुलदार दिखाई देने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लेते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बताया जा रहा है कि गुलदार जंगल से भटककर गांव के पास पहुंचा और एक खेत में बोरवेल के गड्ढे में गिर गया। गुलदार काफी देर से गड्ढे में फंसा हुआ था और बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। गड्ढा गहरा होने के कारण वह खुद बाहर नहीं निकल पा रहा था। इसके बाद रात करीब साढ़े आठ बजे सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
वन विभाग के एसडीओ ज्वाला प्रसाद गौड के निर्देश पर रेंजर शैलेंद्र सिंह नेगी के नेतृत्व में वन कर्मियों ने पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था की ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। रात के वक्त मौके पर एसडीओ ज्वाला प्रसाद गौड़ भी पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन अभियान शुरू किया। गुलदार को सुरक्षित निकालने के लिए देहरादून से पशु चिकित्सकों की टीम को भी बुलाया गया। डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर गुलदार को ट्रेंकुलाइज किया, ताकि उसे बिना किसी खतरे के बाहर निकाला जा सके। इसके बाद वन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए सावधानी के साथ गुलदार को गड्ढे से बाहर निकाला।
वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ मौजूद रही। वन विभाग की टीम बार बार ग्रामीणों से दूरी बनाए रखने की अपील करती रही, ताकि ऑपरेशन में कोई बाधा न आए और किसी की सुरक्षा को खतरा न हो। करीब दो घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गुलदार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद उसे पिंजरे में रखकर उसकी देखभाल के लिए चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया।
एसडीओ ज्वाला प्रसाद गौड ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में वन कर्मियों के साथ पशु चिकित्सकों की टीम भी शामिल रही और सभी के सहयोग से गुलदार को सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल या आसपास के इलाकों में किसी जंगली जानवर के दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें और खुद से किसी तरह की कार्रवाई करने से बचे।

