गाजियाबाद। गाजियाबाद के मोदीनगर में 52 वर्षीय किसान हरिओम चौधरी की उनके बेटे निखिल ने कथित रूप से छह गोलियां मारकर हत्या कर दी। आरोपी पहले भी अपने छोटे भाई पर गोली चला चुका था।
पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी और पुलिस का बयान।
शराब के नशे में बेटे ने पिता को मारीं 6 गोलियां, 150 करोड़ की संपत्ति वाले किसान की मौत; पहले भाई पर भी कर चुका था फायर।
पूरी खबर। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 52 वर्षीय किसान हरिओम चौधरी की उनके बड़े बेटे निखिल ने कथित तौर पर लाइसेंसी पिस्टल से छह गोलियां मारकर हत्या कर दी। वारदात 15 जुलाई की देर रात घर के अंदर हुई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हैं।
देर रात घर लौटने पर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई की रात हरिओम चौधरी अपनी पत्नी मीनाक्षी और छोटे बेटे नीशू के साथ घर पर थे। बड़ा बेटा निखिल दोस्तों के साथ शराब पार्टी में गया हुआ था। रात करीब 12 बजे वह नशे की हालत में घर पहुंचा। देर रात शराब पीकर आने को लेकर पिता ने उसे डांट दिया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़कर गाली-गलौज में बदल गई। इसी दौरान निखिल ने पिस्टल निकालकर अपने पिता पर ताबड़तोड़ छह गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल हरिओम चौधरी को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मां बचाती रहीं, छोटा भाई कमरे में छिप गया
गोली चलने की आवाज सुनकर छोटा भाई नीशू बाहर आया, लेकिन आरोपी के हाथ में पिस्टल देखकर डर के कारण कमरे में बंद हो गया। परिजनों का कहना है कि उसे आशंका थी कि निखिल उसकी भी हत्या कर सकता है। मां मीनाक्षी ने पति को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया।
2018 में छोटे भाई को भी मार चुका था गोली
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं था जब निखिल ने परिवार पर हमला किया हो। वर्ष 2018 में उसने अपने छोटे भाई नीशू को भी गोली मार दी थी। हालांकि उस समय परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। बताया जा रहा है कि इसी वजह से आरोपी का हौसला बढ़ता गया और परिवार उसके व्यवहार से भयभीत रहने लगा।
75 बीघा जमीन और करोड़ों की संपत्ति
हरिओम चौधरी इलाके के संपन्न किसानों में गिने जाते थे। परिवार के अनुसार उनके पास करीब 75 बीघा कृषि भूमि, एक मार्केट और अन्य संपत्तियां थीं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि पिता ने पहले ही निखिल को 25 बीघा जमीन खेती के लिए दे रखी थी। बाजार का किराया भी वही वसूलता था और हाल ही में घूमने के लिए 40 हजार रुपये भी दिए गए थे। इसके बावजूद उसका व्यवहार नहीं बदला।
घटना से पहले मां को दी थी धमकी
परिजनों के मुताबिक, घटना वाली रात करीब साढ़े नौ बजे मां मीनाक्षी ने निखिल को फोन कर घर आने के लिए कहा था। इस दौरान उसने कथित तौर पर फोन पर ही गाली-गलौज की और कहा कि जब मन होगा तभी घर आएगा। पुलिस का मानना है कि दोस्तों के बीच घर से आया फोन उसे नागवार गुजरा और इसी गुस्से में वह नशे की हालत में घर पहुंचा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और शराब के नशे में हुई कहासुनी हत्या की वजह सामने आई है। आरोपी निखिल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और आसपास के जिलों में भी तलाश की जा रही है। घटना में प्रयुक्त हथियार और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुराने मामले की भी चर्चा
स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2018 में हरिओम चौधरी का नाम गांव के एक व्यक्ति की हत्या के मामले में भी सामने आया था। हालांकि उस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था और बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात कही जाती है। पुलिस ने वर्तमान हत्या मामले की जांच को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

