हरिद्वार। कुंभ मेले की तैयारियों के तहत हरिद्वार में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निर्माणाधीन योजनाओं में तेजी लाई जा रही है। सोमवार को अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने तकनीकी सेल के अधिकारियों के साथ कनखल और उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में पेयजल से जुड़ी योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और कार्य की गति की जानकारी ली।

अपर मेलाधिकारी ने उत्तराखंड जल संस्थान के अधिकारियों को पेयजल वितरण लाइनों को बिछाने का काम निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से पेयजल की मांग भी बढ़ेगी। ऐसे में सभी योजनाओं को समय से पूरा करना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल मिल सके।
उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर की जा रही खुदाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुदाई वाले स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं और काम पूरा होने के बाद गड्ढों को ठीक से भरकर सड़क को समतल किया जाए। इससे आम लोगों के आवागमन में परेशानी न हो।

पावन धाम योजना 85 फीसदी पूरी
अपर मेलाधिकारी ने भूपतवाला क्षेत्र में पावन धाम और प्राइमरी पाठशाला पंपिंग पेयजल योजनाओं के पुनर्गठन कार्य का भी निरीक्षण किया। पावन धाम योजना का करीब 85 प्रतिशत और प्राइमरी पाठशाला पंपिंग योजना का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। दोनों योजनाओं की प्रगति पर उन्होंने संतोष जताते हुए शेष काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
दयानंद सरस्वती ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल आपूर्ति प्राथमिकताओं में शामिल है। निर्माण कार्य समय पर पूरा करने के साथ गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकारियों को प्रत्येक कार्य की नियमित निगरानी करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विपिन चौहान, सहायक अभियंता राकेश बमराड़ा, मनोज डबराल और तकनीकी सेल के अभियंता अतुल शांडिल्य समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

