कुंभ क्षेत्र के 32 सेक्टरों में 13,865 टॉयलेट सीट और 8,065 एफआरपी मूत्रालय लगाने की तैयारी
हरिद्वार। कुंभ मेले के दौरान सफाई और सेनिटेशन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार को एकीकृत सेनिटेशन योजना के क्रियान्वयन और समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। शहरी विकास सचिव नितेश कुमार झा ने सोमवार को मेला नियंत्रण भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में शामिल सभी नगर निकाय, जिला पंचायत और पंचायतीराज विभाग अपनी कार्ययोजना और प्रगति की नियमित रिपोर्ट समन्वय अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। बैठक में कुंभ मेले के लिए प्रस्तावित एकीकृत सेनिटेशन योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य नगर आयुक्त ने योजना का प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि कुंभ क्षेत्र के सभी 32 सेक्टरों में 13,865 टॉयलेट सीट, 8,065 एफआरपी मूत्रालय और 4,840 डस्टबिन स्थापित करने की तैयारी है। सफाई व्यवस्था के लिए 493 वाहनों को लगाया जाएगा। सीवरेज के निस्तारण के लिए छह एफएसटीपी और सेक्टर एमटीएफ का उपयोग किया जाएगा।

शहरी विकास सचिव ने कहा कि कुंभ की तैयारियों के प्रारंभिक चरण में ही दिसंबर की शुरुआत से पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सफाई कर्मियों को मक्खी-मच्छरों की रोकथाम में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के सुरक्षित उपयोग, उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाए।

उन्होंने सभी संबंधित निकायों और विभागों को एक सप्ताह के भीतर अपने क्षेत्र की विस्तृत कार्ययोजना अंतिम रूप देकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कहा कि कुंभ क्षेत्र में सफाई और सेनिटेशन की प्रभावी व्यवस्था के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें। प्रत्येक सेक्टर और निकाय स्तर पर आवश्यक संसाधनों, उपकरणों और मानव संसाधन का आकलन कर समय से उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सफाई व्यवस्था की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाएगी। बैठक में हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की नगर निगम के साथ शिवालिक नगर, मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम की तैयारियों की भी जानकारी ली गई।

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका, आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, आकाश जोशी, मनजीत सिंह, शहरी विकास विभाग के उप सचिव प्रदीप शुक्ला और विषय विशेषज्ञ रवि पांडे सहित अधिकारी मौजूद रहे।

