हरिद्वार। लालढांग क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। रवासन नदी पर लोहा पुल निर्माण की मांग करीब 50 साल बाद पूरी होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पुल निर्माण को लेकर शासनादेश जारी हो गया है। लंबे समय से इस पुल की मांग कर रहे क्षेत्रवासियों के लिए इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनुपमा रावत ने इसे जनता के लंबे संघर्ष और एकजुटता की जीत बताया है।

विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि लालढांग क्षेत्र की जनता पिछले कई दशकों से रवासन नदी पर पुल निर्माण की मांग करती आ रही थी। बरसात के दिनों में नदी पार करना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता था। नदी पार करने के दौरान लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता था। पुल नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

अनुपमा रावत ने बताया कि वर्ष 2022 में हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने इस मांग को विधानसभा से लेकर सड़क तक लगातार उठाया। विपक्ष में रहते हुए उन्होंने सरकार के सामने क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को रखा और पुल निर्माण की स्वीकृति के लिए लगातार प्रयास किए।

उन्होंने कहा कि छात्र आर्यन भट्ट की दुखद मृत्यु के बाद पुल की जरूरत और भी गंभीरता से सामने आई। इस घटना ने नदी पार करने में क्षेत्रवासियों को होने वाली परेशानियों को उजागर किया। इसके बाद भी ग्रामीणों का संघर्ष जारी रहा और पुल निर्माण की मांग को लेकर आवाज उठाई जाती रही।
विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि इस सफलता का श्रेय लालढांग के ग्रामीणों, युवाओं, बुजुर्गों, माताओं और बहनों को जाता है, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांग को उठाया। उन्होंने संघर्ष में साथ देने वाले सभी क्षेत्रवासियों का आभार जताया।

अनुपमा रावत ने कहा कि रवासन नदी पर पुल निर्माण का शासनादेश जारी होना लालढांग के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस मूलभूत सुविधा का इंतजार कर रही थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अन्य समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए भी उनका प्रयास जारी रहेगा।

