जन विश्वास कानून में संशोधन से छोटे अपराधों में मिलेगी राहत, स्वजल के 215 पदों को एक साल का विस्तार, बहादुर बच्चों को मिलेगा राज्य वीरता पुरस्कार
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार के मेला नियंत्रण सभागार में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 13 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में युवाओं, विकास कार्यों, आवास, संस्कृति, स्वच्छता और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े फैसले लिए गए। सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्याधीन सेवाओं में समूह ग के वर्दीधारी पदों पर भर्ती के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई। इसके तहत लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट का प्रावधान किया गया है। वहीं, हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान को विकसित करने के लिए सोसायटी गठन की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने जन विश्वास संशोधन विधेयक को विधानसभा में पेश करने, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए नियमावली बनाने और स्वजल व राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों को एक साल तक जारी रखने का भी निर्णय लिया।
अग्निवीरों के लिए नई नियमावली, भर्ती में मिलेगी छूट
कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ग के वर्दीधारी पदों पर सीधी भर्ती में क्षैतिज आरक्षण से संबंधित नई नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है। वर्ष 2025 की नियमावली में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था। केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया में संशोधन के लिए पुरानी नियमावली को अधिक्रमित कर नई व्यवस्था बनाई गई है। इसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे सेना में सेवा पूरी करने के बाद राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में नौकरी पाने की तैयारी कर रहे अग्निवीरों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
ऋषिकुल में विकसित होगा प्राच्य शोध संस्थान
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास और विस्तार के लिए सोसायटी गठित करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।
छोटे अपराधों में राहत देने की तैयारी
प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी और प्रक्रियागत त्रुटियों के लिए नागरिक दंड एवं प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था करने तथा कानूनों के अप्रचलित और अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य छोटे उल्लंघनों के मामलों में अनावश्यक आपराधिक कार्रवाई कम करना और प्रक्रियाओं को सरल बनाना है।
बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विकास गतिविधियों पर नियंत्रण
कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है। इसके माध्यम से बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियमों के दायरे में लाया जाएगा। इसका उद्देश्य नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना और बाढ़ से जन-धन, संपत्ति तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान से बचाना है।
परिसंपत्तियों से मिलने वाली आय का 92 प्रतिशत संबंधित निकायों को
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की धारा 49 के तहत अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है। इससे परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है।
फायर सर्विस के लिए आएगा नया कानून
प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और शहरीकरण के विस्तार के साथ अग्नि दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों से निपटने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। यह विधेयक केंद्र सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके जरिए मौजूदा अग्निशमन संबंधी कानून को संशोधित कर नई व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है, ताकि आग लगने की घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
स्वजल और जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पद एक साल तक जारी रहेंगे
कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी दी है। इन पदों को एक मार्च, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाया गया है। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पहले की तरह राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से वेतन और मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
हरिद्वार में आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग में छूट
हरिद्वार जिले की भगवानपुर तहसील के सिसौना गांव में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की चौड़ाई में छूट देने को मंजूरी दी गई है। करीब 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए नौ मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग जरूरी था, लेकिन मौके पर छह मीटर चौड़ा मार्ग उपलब्ध है। ऐसे में कैबिनेट ने निर्धारित चौड़ाई में तीन मीटर की शिथिलता देने को मंजूरी दी है। यह परियोजना प्रधानमंत्री आवास योजना और केंद्र व राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी
प्रदेश के साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना शुरू करने को मंजूरी दी गई है। योजना के तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्य, असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बहादुरी दिखाने वाले बच्चों को पहचान देने के साथ अन्य बच्चों को भी प्रेरित करना है।
संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में बदलाव
कैबिनेट ने उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-एक में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड का नाम दर्ज किया जाएगा। इससे विभागीय प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन हो सकेगा।
ऊधमसिंह नगर में खसरा संख्या की त्रुटि सुधरेगी
ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के भौना इस्लामनगर गांव में 24,280 वर्गमीटर भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में दर्ज खसरा संख्या की त्रुटि को ठीक करने की मंजूरी दी गई है। 10 नवंबर, 2023 के शासनादेश में औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन के मामले में खसरा संख्या 321/1अ दर्ज हो गई थी। अब इसके स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ दर्ज की जाएगी।
विधानसभा के सत्र की तारीख मुख्यमंत्री तय करेंगे
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी है। सत्र की तारीख और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।
केंद्र के सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का आभार
कैबिनेट ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में भी विकास संबंधी प्राथमिकताओं और जरूरतों के अनुरूप केंद्र से सहयोग जारी रखने की अपेक्षा जताई गई।

