हरिद्वार। राज्य कर विभाग विशेष अनुसंधान शाखा देहरादून की टीम ने बुधवार को हरिद्वार शहर में छापेमारी की। इस दौरान हरिद्वार के रानीपुर मोड़ पर व्यापारी के अभिलेखों में विसंगति मिली। जांच में मौजूदा स्टॉक और आईटीसी के आंकड़ों में करीब 30 लाख की बड़ी विसंगतियां मिली। इसके बाद जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकार्ड जब्त किए गए। वहीं अधिकारियों के अनुसार अभी आईटीसी का आंकलन जारी है, गड़बड़ी पाई जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल एक दिन पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को जीएसटी चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बुधवार को आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देश पर जीएसटी टीम ने हरिद्वार पहुंचकर रानीपुर मोड़ स्थित एक नामी मिठाई के प्रतिष्ठान पर छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने प्रतिष्ठान पर अभिलेखों की बारीकी से जांच की और कई दस्तावेज जब्त कर अपने साथ ले गई।
उपायुक्त जीएसटी देहरादून सुरेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि छापेमारी के लिए टीम का गठन किया गया था। टीम में विशेष अनुसंधान शाखा, सचल दल और ऑडिट इकाई के अधिकारी शामिल रहें। जांच में बिलों में ग मिली। आईटीसी के आंकड़ों में बड़ी विसंगतियां सामने आई। जिस अनुपात में आईटीसी रिवर्स करना था, उसके अनुसार आईटीसी रिवर्स नहीं किया गया है। पोर्टल पर सही मिलान नहीं हुआ है। इसलिए जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल रिकार्ड जब्त किए गए हैं। बताया कि पोर्टल पर आंकलन के अनुसार प्रतिष्ठान पर करीब 30 लाख के टैक्स का आंकलन है। प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जांच के बाद आईटीसी का आंकलन बदल सकता है। जांच में सही उपयोग नहीं हुई आईटीसी को वापस जमा कराया जाएगा। प्रतिष्ठान के स्वामी ने टीम को बताया कि वो अपना रिकॉर्ड डाउनलोड करके ही सही जानकारी दे पाएंगे। देहरादून में प्रतिष्ठान के स्वामी के पोर्टल और विभाग के डाटा का लाइव मिलान किया जाएगा।
वहीं उपायुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि अभी तक टैक्स चोरी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। यह एक रूटीन कार्रवाई है, पूरे प्रदेश में नियमित कार्रवाई की जा रही है, ताकि रेवेन्यू में बढ़ोत्तरी हो सके।

