हरिद्वार। जिले में जल संरक्षण के कामों को अब और तेजी मिलेगी। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में हुई स्प्रिंग एंड रिवर रेजुवेनेशन अथॉरिटी (सारा) की जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में जल संरक्षण से जुड़ी करोड़ों रुपये की कार्ययोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने की। बैठक में इसी वित्तीय वर्ष के लिए जिले के पांच विकासखंडों की ओर से जल संरक्षण के कामों की कार्ययोजना रखी गई। भगवानपुर विकासखंड ने 181.65 लाख, बहादराबाद ने 95.08 लाख, लक्सर ने 36.98 लाख, रुड़की ने 70.65 लाख और नारसन ने 65.15 लाख रुपये की कार्ययोजना प्रस्तुत की। इन कार्यों पर कुल 449.51 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। योजनाओं में तालाबों के निर्माण और पुराने तालाबों के पुनरोद्धार, रिचार्ज पिट बनाने और बड़े स्तर पर पौधरोपण समेत जल संरक्षण के कई काम शामिल हैं। समिति ने सभी कार्ययोजनाओं को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।

लघु सिंचाई विभाग की ओर से भूजल स्तर सुधारने के लिए 63 रिचार्ज शाफ्ट बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। इन पर 331.15 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा छह तालाबों के निर्माण और पुनरोद्धार के लिए 197.40 लाख रुपये की कार्ययोजना भी मंजूर की गई।

सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अधिकारियों को जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के कामों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने एक जनपद, एक नदी अभियान के तहत पथरी रौ नदी को लेकर कार्ययोजना जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की जरूरत है। इसके लिए जिले में होने वाले सभी संबंधित कामों को तय समय में पूरा कराया जाए, ताकि बारिश के पानी को ज्यादा से ज्यादा संरक्षित किया जा सके और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिले।
बैठक में सारा के सदस्य सचिव एवं नोडल अधिकारी तथा लघु सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता भरत राम समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

