Close Menu
breakinghub007.com
  • Home
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • हरिद्वार
  • अपराध
  • राजनीती
  • वायरल
  • आस्था
What's Hot

संस्कृत प्रतियोगिता में पतंजलि विश्वविद्यालय ने जीते चार पुरस्कार

October 11, 2026

मायादेवी मंदिर में पूजा अर्चना करने से होती हैं मनोकामनाएं पूर्ण, जानिए इतिहास

October 11, 2026

नवरात्र के पहले दिन मुख्यमंत्री धामी ने की मां दुर्गा की पूजा-अर्चना

October 11, 2026

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
breakinghub007.combreakinghub007.com
Subscribe
  • Home
  • उत्तराखंड
  • देहरादून
  • हरिद्वार
  • अपराध
  • राजनीती
  • वायरल
  • आस्था
breakinghub007.com
Home»आस्था»मायादेवी मंदिर में पूजा अर्चना करने से होती हैं मनोकामनाएं पूर्ण, जानिए इतिहास
आस्था

मायादेवी मंदिर में पूजा अर्चना करने से होती हैं मनोकामनाएं पूर्ण, जानिए इतिहास

News DeskBy News DeskOctober 11, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Pinterest LinkedIn WhatsApp

हरिद्वार। आज से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो गई है। धर्मनगरी हरिद्वार के प्राचीन मायादेवी मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मां के दर्शन और पूजा अर्चना के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही दूसरे राज्यों से आने वाले भक्त भी पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि मायादेवी मंदिर माता सती के 52 शक्तिपीठों में शामिल है। पौराणिक महत्व के कारण यह मंदिर हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां पूजा अर्चना करने से भक्तों की सभी मुराद पूर्ण होती हैं।नवरात्र को लेकर मंदिर को रंग बिरंगी लाइटों और फूल मालाओं से सजाया गया है। 

मायादेवी मंदिर का इतिहास 11वीं शताब्दी से जुड़ा माना जाता है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा मंदिर का संचालन करता है। मंदिर में मां मायादेवी की पूजा की जाती है, जिन्हें हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी भी माना जाता है। प्राचीन समय में हरिद्वार को मायापुरी के नाम से जाना जाता था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां मायादेवी के नाम से इस क्षेत्र की पहचान जुड़ी हुई है। गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु मां के दरबार में भी शीश नवाते हैं। 

राजा दक्ष और माता सती से जुड़ा है मंदिर का इतिहास

मायादेवी मंदिर की धार्मिक मान्यता माता सती और भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक कथा से संबंधित है। मंदिर के मुख्य पुजारी भास्कर पुरी महाराज के अनुसार, प्राचीन समय में राजा दक्ष ने हरिद्वार के ही कनखल यज्ञ का आयोजन किया था, जिसमें भगवान शिव को आमंत्रित नहीं किया गया। पिता के यज्ञ में पहुंचीं माता सती अपने पति का अपमान सहन नहीं कर सकीं और उन्होंने यज्ञ में अपने प्राण त्याग दिए। माता सती के वियोग में भगवान शिव उनके पार्थिव शरीर को लेकर विचरण करने लगे। ऐसी मान्यता है कि सृष्टि का संतुलन बनाए रखने के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर को खंडित किया। जिन स्थानों पर उनके अंग गिरे, उन्हें शक्तिपीठ के रूप में पूजा जाने लगा। मायादेवी मंदिर को भी इसी पौराणिक परंपरा से जुड़ा शक्तिपीठ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां माता सती की नाभि गिरी थी। मंदिर के मुख्य पुजारी भास्कर पुरी महाराज ने बताया कि माता सती का नाम माता उमा था। बाद में उनका नाम सती हो गया। यहां माता सती ने योगबल पर अपना शरीर छोड़ा था। माता सती का प्रथम अंग जिसे नाभि कहा जाता है, यहां स्थापित है। इसलिए यहां माता का दर्शन करने से 52 शक्तिपीठों के फल की प्राप्ति होती है। आज नवरात्रि के दिन देश के अलग-अलग जगह से लोग माता की पूजा अर्चना और दर्शन करने पहुंच रहे हैं। यहां पर जो कोई भी श्रद्धालु सच्चे मन से मन्नत मांगता है, महामाया देवी उसे जरूर पूरा करती हैं।

क्या बोले श्रद्धालु 

शारदीय नवरात्र में मां के दर्शन, पूजन और आरती के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। भक्त मां को पुष्प, नारियल और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हैं। वैसे तो साल भर मंदिर में भक्तों का ताता लगा रहता है लेकिन नवरात्रि के दिनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। 

पंजाब शहर श्रद्धालु विक्रम कपूर ने बताया कि वह जब भी हरिद्वार आते हैं मां माया देवी के दर्शन करना नहीं भूलते। 52 शक्तिपीठों में से एक माया देवी मंदिर में माता सती की नाभि गिरी थी। यह बहुत प्रसिद्ध मंदिर है और हमेश उन पर मां मायादेवी की कृपा बनी रहती है, मां उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है।

श्रद्धालु अलका ने बताया कि मायादेवी मंदिर प्रथम शक्तिपीठ है। रोजाना यहां दूर-दूर से भक्त लोग आते हैं। हम भी रोजाना मंदिर में पूजा अर्चना करते हैं और माता माया देवी ने हमारे सभी मुराद पूरी की हैं। वैसे मंदिर में 12 महीना तक भक्तों की भीड़ रहती है लेकिन नवरात्र में यह संख्या बढ़ जाती है और लोग श्रद्धा भाव से माता की पूजा अर्चना करते हैं।  

दीपक शर्मा ने बताया कि माया देवी मंदिर एक प्रसिद्ध सिद्ध पीठ है। पंचपुरी हरिद्वार में सबसे पहले इसी मंदिर की स्थापना हुई थी। यहां पर पूजा अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वह कई सालों से मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं और माता ने उन्हें बहुत कुछ दिया हुआ है। 

गौरतलब है कि गंगा स्नान और अन्य तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु मायादेवी मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं। प्राचीन धार्मिक परंपराओं और शक्तिपीठ की मान्यता के चलते मां मायादेवी का दरबार श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यह मंदिर हरिद्वार रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जूना अखाड़े के परिसर में मंदिर का संचालन जूना अखाड़े के साधु संत ही करते हैं। रोजाना सुबह शाम यहां मां की आरती होती है और नवरात्र के दिनों में रोजाना अलग अलग श्रृंगार किए जाएंगे। 

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email WhatsApp
News Desk
  • Website

सम्खबंधित खबरें

बिल्केश्वर रोड पर 6.5 किलोमीटर लंबे फुटपाथ की सौगात, कुंभ के बाद भी मिलेगा लाभ

October 7, 2026

कुंभ मेले की सेनिटेशन योजना के समन्वय अधिकारी बने IAS नंदन कुमार, स्वच्छता योजना पर भी काम शुरू

October 5, 2026

गंगा नहीं सिखाती जात पात और भेदभाव, जन्मदिन पर मंत्री सतपाल महाराज ने दिया संदेश

September 20, 2026

भगवान श्री श्रीचंद्र के विचार आज भी प्रासंगिक, आदर्शों को आगे बढ़ा रहे संत – करौली शंकर महाराज

September 19, 2026

कुंभ के लिए बन रहे चार पुलों का निरीक्षण, सीडीओ ने धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

September 6, 2026

श्रीमहंत रविंद्रपुरी का कड़ा बयान, बोले – कुंभ का विरोध करने वाले कर रहे हैं सनातन का विरोध

November 20, 2025

डीएम मयूर दीक्षित ने जीर्ण क्षीर्ण पड़े पौराणिक भीमगोडा कुण्ड का लिया संज्ञान, जल्द कराएंगे जीर्णोद्धार

November 13, 2025

गोवर्धन पूजा के बाद अन्नकूट का वितरण किया, विधायक मदन कौशिक और आदेश चौहान का सम्मान

October 23, 2025

देवी देवताओं के अपमान पर उत्तराखंड से बड़ा अभियान, विरोध में जागरूकता पोस्टर जारी

September 24, 2025
इन्हें भी पढ़े-

कांवड़ मेला: हरिद्वार प्रेस क्लब ने दिखाई सेवा भावना, कांवड़ियों को उपलब्ध कराया पेयजल

आस्था July 19, 2025

हरिद्वार, 19 जुलाई। कांवड़ मेले के दौरान जहां एक ओर हरिद्वार में शिवभक्तों की भारी…

नगर निगम द्वारा लगाया गया दीपावली मेला, स्वदेशी उत्पादों ने बढ़ाई रौनक

October 31, 2024

हरिद्वार जेल में मचा हड़कंप, 15 कैदी पाए गए HIV पॉजिटिव, अलग बैरक में किया गया शिफ्ट

April 9, 2025

जल संरक्षण के लिए 63 रिचार्ज शाफ्ट और छह तालाबों को मंजूरी, 449.51 लाख रुपये खर्च होंगे

September 6, 2026
अन्य खबरें

संस्कृत प्रतियोगिता में पतंजलि विश्वविद्यालय ने जीते चार पुरस्कार

October 11, 2026

मायादेवी मंदिर में पूजा अर्चना करने से होती हैं मनोकामनाएं पूर्ण, जानिए इतिहास

October 11, 2026

नवरात्र के पहले दिन मुख्यमंत्री धामी ने की मां दुर्गा की पूजा-अर्चना

October 11, 2026

सशक्त पंचायतें ही विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

October 8, 2026
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • Pinterest
  • Instagram
  • YouTube
  • Vimeo
Our Videos
https://breakinghub007.com/wp-content/uploads/2024/10/VID-20241011-WA0002.mp4
Most Popular

हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर RPF के सिपाही ने रेलवे ट्रैक पर सर रखकर की आत्महत्या

March 20, 202520,269 Views

खानपुर में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या से सनसनी, खेत से बरामद हुआ शव, दो गिरफ्तार

December 13, 202412,909 Views

बीएचईएल से रिटायर जीएम ने ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या, बरामद हुआ सुसाइड नोट

February 4, 20258,202 Views
About Us
About Us

उत्तराखंड न्यूज़ पर केंद्रित हिंदी वेबसाइट राज्य की ताज़ा खबरें, स्थानीय घटनाएं, राजनीति, पर्यटन, संस्कृति और विकास से जुड़ी जानकारी प्रदान करती है। पाठकों को सटीक, तेज़ और विश्वसनीय समाचारों का एकमात्र स्रोत उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है।

Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
  • About Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy and Terms
© 2026.. All Rights Reserved. Designed by Digital Dyno.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.