गीता जोशी
लालढांग। रवासन नदी पर लालढांग, रसूलपुर गोठ, रसूलपुर, आर्यनगर और मंगलपुर गांवों को जोड़ने वाले पुल के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन सातवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा आंदोलन स्थल पर पहुंचे और धरने में शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि पुल नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महानंद सिंह ने की। आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए निरंजन सिंह ने कहा कि प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की मांग को लेकर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक पुल की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
बृजमोहन पोखरियाल ने कहा कि कुछ लोग आंदोलनकारियों की बुद्धि-शुद्धि की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आम जनमानस की समस्याओं के लिए संघर्ष करना गलत है तो ईश्वर ऐसी बुद्धि दे कि वे जनसमस्याओं के लिए लगातार आंदोलन करते रहें और समस्याओं का समाधान हो।
दीपक जखमोला ने कहा कि ग्रामीण जनसमस्या के समाधान के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग दोहरे चरित्र का प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन स्थल पर साथ होने के बजाय विरोध करने वालों के साथ मिलकर आंदोलन को मजाक बता रहे हैं और क्षेत्र हितैषी होने का दिखावा कर रहे हैं।
कमलेश द्विवेदी ने कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में कई समस्याएं हैं, लेकिन रवासन नदी पर पुल नहीं होने के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए शासन-प्रशासन को अविलंब सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।

