.जलभराव वाले क्षेत्रों में त्वरित जल निकासी एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश
.किसी भी आपदा अथवा क्षति की सूचना तत्काल जिला आपदा कंट्रोल रूम को देने के निर्देश
.हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं, शिवभक्तों एवं नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील
हरिद्वार। जनपद में लगातार हो रही बारिश के दृष्टिगत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागीय अधिकारियों एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्ण सतर्कता एवं अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति, जलभराव, सड़क अवरुद्ध होने अथवा अन्य आपदा संबंधी घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करें।
जलभराव से निजात दिलाने के निर्देश – जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है, वहां संबंधित विभाग तत्काल जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही, यदि किसी सरकारी अथवा निजी संपत्ति को वर्षा के कारण क्षति पहुंचती है तो उसका तत्काल आकलन कर विस्तृत सूचना जिला आपदा कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराई जाए।
कांवड़िए भी रहें अलर्ट – जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं एवं शिवभक्तों से भी अपील की कि लगातार हो रही बारिश के चलते गंगा घाटों एवं नदी तटों पर विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें, प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। उन्होंने सभी से सहयोग एवं संयम बनाए रखने की अपील की।
नदी नालों के पास न जाने की अपील – इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा तथा बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अनावश्यक रूप से नदी के समीप न जाने की सलाह दी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित कर जनहानि एवं संपत्ति की क्षति को न्यूनतम रखने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य करें।

