हरिद्वार। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े शुद्धिकरण मामले को लेकर भाजपा ने सोमवार को हरिद्वार के देवपुरा चौक पर सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना दिया। धरने में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर दलित विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई और मामले को लेकर कड़ा विरोध जताया। धरने में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मंत्री खजान दास समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए।

धरने की सबसे खास तस्वीर लंबे समय बाद भाजपा के कई ऐसे नेताओं के एक मंच पर नजर आने की रही, जिन्हें पार्टी की आंतरिक राजनीति में एक दूसरे का धुर विरोधी माना जाता रहा है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, पूर्व विधायक संजय गुप्ता और दर्जाधारी ओमप्रकाश जमदग्नि एक साथ धरने में बैठे दिखाई दिए। जिस तरह से कांग्रेस इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है, उसे देखते हुए इस एकजुटता को भी हरिद्वार भाजपा की राजनीति में अहम संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। कुल मिलाकर पोस्टर पर भीमराव अंबेडकर का फोटो लगाया गया और हाथ में लिए हुए बैनरों में भी कांग्रेस को दलित विरोधी दर्शाया गया।

मंत्री खजान दास ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां गंगा, यमुना और बद्री केदार जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थल हैं। आरोप लगाया कि कांग्रेस देवभूमि उत्तराखंड को कलंकित करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए अब जातिगत राजनीति पर उतारू हो गई है। जो कुछ भी हल्द्वानी में हुआ है भाजपा उसे अपने आप को अलग करती है। हल्द्वानी में रामलीला के मंच पर गंदगी शराब की बोतले और अन्य गंदगी फैलाई गई थी। यदि किसी संस्था के द्वारा महा सफाई की गई तो उसमें कोई बुराई नहीं है। वहां पर धार्मिक नारे भी लगाए गए और उसके बाद साफ सफाई का कार्य हुआ लेकिन भारतीय जनता पार्टी का उसमें कोई लेना-देना नहीं है।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कांग्रेस देश में वातावरण बनाकर सामाजिक समरसता को खराब करने का प्रयास किया है। अब उन्होंने उत्तराखंड में भी यही करना शुरू कर दिया है। उसी के विरोध में भाजपा ने धरना दिया है।

हरिद्वार भाजपा के जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि धरने के माध्यम से कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करने का कार्य किया गया है। जिस प्रकार से कांग्रेस पार्टी झूठ और बरामद प्रचार करके इस प्रदेश का सामाजिक सोहर खराब करने का प्रयास कर रही है उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तराखंड में कभी भी धर्म और जाति के नाम पर सामाजिक बंटवारा कभी देखने को नहीं मिला लेकिन कांग्रेस यह प्रयास कर रही है। कांग्रेस को उसके मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

