मुख्यमंत्री से कमलदास कुटिया आश्रम को अर्धकुंभ से पहले खाली कराने की मांग
हरिद्वार। हरिद्वार के भूपतवाला स्थित श्री कमलदास कुटिया आश्रम के करीब 100 कमरों का पिछले लगभग 29 वर्षों से किराया नहीं मिलने का मामला सामने आया है। आश्रम ट्रस्ट ने बकाया किराये की निष्पक्ष जांच कराने, संपत्ति को खाली कराने और अर्धकुंभ से पहले आश्रम को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। बुधवार को प्रेस वार्ता में आश्रम के मुख्य महंत ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि लंबे समय से किराया नहीं मिलने के कारण आश्रम की धार्मिक, सामाजिक और जनकल्याणकारी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

महंत ओमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि वर्ष 1988 में आश्रम के लगभग 100 कमरे किराये पर दिए गए थे। आश्रम पक्ष के अनुसार, पिछले करीब 29 वर्षों से इन कमरों का किराया प्राप्त नहीं हुआ है। उनका दावा है कि इस अवधि का बकाया किराया वर्तमान में 20 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उन्होंने सरकार से संबंधित विभागों को निर्देश देकर बकाया किराये का निष्पक्ष आकलन कराने तथा नियमानुसार आश्रम को भुगतान दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि श्री कमलदास कुटिया ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर है। लंबे समय से किराया नहीं मिलने के कारण आश्रम की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। महंत ने बताया कि आश्रम की संपत्ति करीब 118 वर्ष पुरानी है। भवन का एक बड़ा हिस्सा जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल भवन का तकनीकी और सुरक्षा निरीक्षण कराने की मांग की है। महंत ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि यदि जर्जर भवन के कारण भविष्य में कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना होती है तो इसकी जानकारी प्रशासन को पहले ही दी जा रही है।

उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। कहा कि उत्तराखंड सरकार से अनुरोध है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आश्रम का बकाया किराया दिलाया जाए और अर्धकुंभ से पहले आश्रम को खाली कराया जाए।

